Visit of Japanese delegates to ICAR-CISH

जापानी प्रतिनिधियों का भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. का भ्रमण

बागवानी में उद्यमिता को बढ़ावा देने एवं स्टार्ट-अप के लिए भारत में एक बाजार खोजने के उद्देश्य से, जापान के चार सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिनांक 29.01.2019 को भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. लखनऊ का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ अपने देश में उपलब्ध कृषि-आधारित कुछ उन्नत तकनीक के बारे में चर्चा की जिसका उपयोग वर्तमान में जापान द्वारा सब्जियों और फलों की पैदावार और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने पोषक तत्वों से भरपूर फलो एवं सब्जियों के उत्पादन के लिए पर्यावरण-अनुकूलित, कम लागत वाली, मृदा-विहीन इमेक तकनीक के बारे जानकारी दी तथा पौधों में स्वचालित सेंसर आधारित सटीक पोषक तत्व अनुप्रयोग प्रणाली के बारे में बताया। इसके अलावा उन्होंने फलों और सब्जियों को जल्दी पकने से रोकने के लिए कोल्ड चेन प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल, भा.कृ.अनु.प.- कें.उ.बा.सं. से अपनी तकनीकों को प्रदर्शित करने और फैलाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, जिसमें संस्थान मास्टर प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उद्यमियो को प्रौद्योगिकी सम्बन्धी प्रशिक्षण देकर उन्हें बड़े पैमाने पर उद्यमियो द्वारा उपयोग के लिए योग्य बना सकते है।

For promoting the entrepreneurship in horticulture, 4 Japanese delegates visited the ICAR- Central Institute for Subtropical Horticulture, Lucknow on 29.01.2019 and discussed about advanced technology available in their country in order to find a market place in India for start-ups. The delegation explained some advance agricultural technologies, which is being currently used in Japan for enhancing the yield and quality of vegetables and fruits and also gave detail about eco-friendly, low-cost, soil-less Imec cultivation technology for production of nutritive rich vegetables. Moreover, they also briefed about sensor based automated precise nutrient application system in plants and cold chain management for preventing the early rancid and ripening of fruits and vegetables. The delegates wish to sign a pact for demonstrating and spreading their technologies via ICAR-CISH in which institute play as master training center where entrepreneur can learn the technology at pilot scale and use it for large-scale production after attending the training.